Followers

Sunday, June 21, 2020

Papa

पापा 



मैं  ज़िंदगी  की  भाग - दौड़  में  यूँ  मशरूफ़  हुआ ;
ना  अतीत  का  भान  रहा ;
ना  भविष्य  का  मनन  हुआ। 

अपने  सपनों  को मिट्टी  मे मिलाके  ,
अपने बच्चों  का घर  बनाने  निकला  मैं ;
अपनी ज़रूरतों  को चादर में ढक के ,
अपने  बच्चों  की  ख्वाईशों  को  संजोने  निकला  मैं।  

मेरे सपने अब मेरे  बच्चों  के  सपनों  में  संलग्न  है ;
पर  मुझे क्या पता था  कि  सपने अब बुने  नहीं  जाते,
सिर्फ  मेहनत  से ही अब पक्षी  उड़े  नहीं जाते।  
मुझे क्या  पता था  कि  
मेहनत  की भी सीमा होती है ,
सपनों  की भी कीमत होती है।  

अपने बच्चों  के सपनों  की कीमत  मैं  ,
अपने मेहनत से कमाने निकला मैं। 
मैं  ज़िंदगी  की  भाग - दौड़  में  यूँ  मशरूफ़  हुआ ;
ना  अतीत  का  भान  रहा ;
ना  भविष्य  का  मनन  हुआ। 

हाँ  माना  मैं  ऐसा खोया अपनी मशरूफ़ियत में ,
खुद ही की खो बैठा बज़ार मे कीमत  मैं। 
सुबह काम पर जब निकलता मैं ,
सोते बच्चों को चादर से ढकता मैं। 
रात  मे जब काम से लौटता मैं ,
फिर से सोते बच्चों को चादर से ढकता मैं। 

हाँ  माना मैं ऐसा खोया अपनी मशरूफ़ियत  में ,
नहीं  आ पाया समय पर अपने बच्चों के जन्मदिन पर,
नहीं  जा पाया बच्चों के संग  स्कूल तक,
नहीं घुमा पाया बच्चों को उनके मनपसंद पार्क  में। 
बस अपने सोते बच्चों को चादर से ढक  कर ,
स्कूल से मिले मार्कशीट को  पढ़ कर ,
मनपसंद पार्क में आइस-क्रीम खाती  फ़ोटो  देख कर ,
संतोष में रहा मैं,
मैं  ज़िंदगी  की  भाग - दौड़  में  यूँ  मशरूफ़  हुआ ;
ना  अतीत  का  भान  रहा ;
ना  भविष्य  का  मनन  हुआ। 

मेरे दिल में आया एक संशय ,
मशरूफ़ियत में कहीं अपने बच्चों से दूर तो न हो गया मैं ??
पर अपने  बच्चों  को ऊँची उड़ान लेता देख मैं ,
दूर से ही  संतोष कर बैठा मैं ,
दूर से ही सही , उनके आसमान को  विस्तारित करता रहा मैं , 
मैं  ज़िंदगी  की  भाग - दौड़  में  यूँ  मशरूफ़  हुआ ;
ना  अतीत  का  भान  रहा ;
ना  भविष्य  का  मनन  हुआ। 


बेटी का सन्देश 


हाँ माना की आप नहीं आ पाए मेरे स्कूल ,

नहीं घुमा पाए पार्क में जिसमे थे अनेक फूल।  

पर जब पाया मेने अपने आप को संशय में ,

पीछे कंधो पर हाथ रखे खड़े थे मेरे पापा बिना संदेह के। 


मैं उड़ सकू पतंग की तरह गगन में;

आप नीचे डोरी पकड़े रहे ,

हर हालात में हर थकन में। 


मैं आपसे कितनी भी हो जाऊ बड़ी ,

रहूगी हर कदम आपके साथ ही खड़ी । 

हाँ रहेंगे कभी हमारे विचार भी विभन्न ,

पर कभी कमज़ोर न हो पाएंगे हमारे रिश्तों का सदन ,

रहेंगे मेरे संग ,

मेरे सुपरस्टार पापा !!


Happy Fathers Day !!


17 comments: